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सात माह में 785 मोबाइल बरामद, फिर पुलिस ने लौटाई 85 लोगों की मुस्कान पुलिस की विशेष मुहिम सफल, खोए मोबाइल मिलने पर लोगों के चेहरे खिले

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बाराबंकी। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देशन में सर्विलांस प्रकोष्ठ और थाना स्तर की संयुक्त टीमों ने खोए हुए मोबाइल फोन तलाशने के अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। तकनीकी विश्लेषण और केंद्रीय उपकरण पहचान पंजिका के माध्यम से करीब 17 लाख रुपये मूल्य के 85 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए। रविवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी सदर आलोक कुमार पाठक ने सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे। अपना मोबाइल और उसमें सुरक्षित महत्वपूर्ण जानकारी वापस मिलने पर लोगों ने बाराबंकी पुलिस का आभार जताया।

 तकनीकी सहायता से खोजे गए गुम हुए मोबाइल 
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सर्विलांस प्रकोष्ठ और सभी थाना प्रभारियों को विशेष निर्देश दिए थे। इसके बाद संयुक्त टीमों ने प्राप्त शिकायतों के आधार पर तकनीकी सहायता और केंद्रीय उपकरण पहचान पंजिका का उपयोग करते हुए गुम हुए 85 मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 17 लाख रुपये बताई गई है।

 मोबाइल मिलते ही लोगों ने जताया पुलिस का आभार 
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी सदर आलोक कुमार पाठक ने बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे। लंबे समय बाद अपना मोबाइल और उसमें सुरक्षित आवश्यक जानकारी वापस मिलने पर लोगों ने खुशी व्यक्त करते हुए बाराबंकी पुलिस के प्रयासों की सराहना की।इस अवसर पर लोगों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय भी बताए गए। साथ ही सलाह दी गई कि मोबाइल खोने अथवा चोरी होने पर तत्काल निकटतम पुलिस थाने में सूचना दें अथवा केंद्रीय उपकरण पहचान पंजिका के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं, जिससे मोबाइल को शीघ्र खोजने और दुरुपयोग रोकने की कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा साइबर सहायता संख्या 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने तथा यातायात नियमों के प्रति भी जागरूक किया गया।


 सात माह में डेढ़ करोड़ से अधिक के मोबाइल बरामद 
बाराबंकी पुलिस के अनुसार पिछले सात माह में मोबाइल बरामदगी दल ने उल्लेखनीय कार्य करते हुए 785 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ 56 लाख रुपये है। सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंपे जा चुके हैं।

बरामदगी टीम 
बरामदगी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अजय सिंह (प्रभारी सर्विलांस प्रकोष्ठ), मुख्य आरक्षी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, मुख्य आरक्षी मजहर अहमद, मुख्य आरक्षी चन्द्रभान, मुख्य आरक्षी बृजेश कुमार, आरक्षी शैलेन्द्र कुमार, आरक्षी प्रवीण शुक्ल, आरक्षी अंकुर, आरक्षी रवीन्द्र कुमार, महिला आरक्षी सुनिधि पाण्डेय तथा जनपद के सभी थानों की केंद्रीय उपकरण पहचान पंजिका टीम के सदस्य।

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